उलझन !मेरे दिल की ....

उलझन !.मेरे दिल की ....दिल की लड़ाई अब भी दिमाग से है !

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aman kumar


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पानीपत की चौथी लड़ाई कठिन है पर जरूरी है !

Posted On: 20 Jan, 2015  
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Junction Forum Politics social issues में

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गुनहगार ……..

Posted On: 8 Dec, 2014  
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Hindi Sahitya Junction Forum कविता में

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वो कोन थी?

Posted On: 9 Aug, 2012  
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Others मस्ती मालगाड़ी मेट्रो लाइफ लोकल टिकेट में

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लक्ष्मी आ गयी !

Posted On: 10 Oct, 2012  
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बिग बॉस की जरुरत क्या है ?

Posted On: 11 Nov, 2013  
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Celebrity Writer Contest Entertainment Hindi News में

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लोकतंत्र का स्वाद , मोदी जी के साथ !

Posted On: 23 May, 2014  
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अपने घर को बचाने चले है ( कविता )

Posted On: 22 Mar, 2016  
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Hindi Sahitya Junction Forum कविता में

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हर अश्लीलता पर रोक जरूरी है !

Posted On: 5 Aug, 2015  
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Entertainment Junction Forum Others में

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:मन की बात किसानो की !

Posted On: 16 Mar, 2015  
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मोदी राज का मतलब !

Posted On: 9 Sep, 2014  
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Contest Entertainment Junction Forum में

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा: aman kumar aman kumar

के द्वारा: aman kumar aman kumar

के द्वारा: vikaskumar vikaskumar

के द्वारा: Bhado Majhi : Hi! I am Bhado Majhi. a Media personality. lives in Jharkhand. belongs to a Tribal Santal family. Bhado Majhi : Hi! I am Bhado Majhi. a Media personality. lives in Jharkhand. belongs to a Tribal Santal family.

के द्वारा: aman kumar aman kumar

के द्वारा: aman kumar aman kumar

देश की राजधानी में ऐसे अपराध का होना स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है | अब जरूरत है कि देश को एक सूत्र में बंधा जाये जिसमे सभी सामान अधकार पा सके | एस देश को बनाने का काम करे शिक्षा के लिए दूर दराज़ स्थानो से आये विद्यार्थीयो को सुरक्षा मिले , समानता और प्यार मिले …..देश को मजबूत और अखंड बनाने के लिए ये जरूरी है , दोषियो को तुरंत सजा मिले | प्रिय अमन जी, सादर! आपने बात की गम्भीरता को संवैधानिकता के साथ समझाया है....दुःख इस बात का होता है कि इस तरह की घटनाएं जब राजधानी दिल्ली में घटित होते है तभी सबका ध्यान आकृष्ट होता है चाहे निर्भया कांड हो, या इस बार पूर्वोत्तर का मामला आया और नीडो की बेरहमी से मार दिया गया. पर इस तरह की घटनाएं अन्य क्षेत्रों में होती रही है ...जिसके लिए स्थानीय नेता या संगठन जिम्मेदार होते हैं. पूर्वोत्तर में भी हिंदी भाषियों (बिहारियों के साथ जुल्म हुआ है, महाराष्ट्र में राज ठाकरे ने भी कम अंधेरगर्दी नहीं मचाई है और वे गर्व से कहते हैं हमारे ऊपर ११० केस है, है हिम्मत तो गिरफ्तार करो. १२.०२.१४ को मुम्बई बंद का नाटक तोड़ फोड़ सब कुछ जायज हो जाता है कानून और प्रशासन आँख मूंदे रहता है. दक्षिण भारत में भी कभी कभी हिंदी भाषियों पर हमले हुए हैं... आप कहते हैं दोषियों को तुरंत सजा मिले - आप भी जानते हैं दोषियों को दोषी साबित करने में अरसा बीत जाता है फिर ऊपरी अदालतें सजा को कम करने या माफ़ करने के लिए ही बैठी रहती है. आमूल चूल परिवर्तन की जरूरत है. संविधान की व्याख्या सभी अपने हिशाब से करते हैं नियम बनाए वाले नियम की धज्जियाँ कैसे उड़ाते हैं यह आप भी देखते हैं और हम सब भी... सवाल एक नीडो का नहीं है ..सवाल मानसिकता का है...सादर!

के द्वारा: jlsingh jlsingh

के द्वारा: aman kumar aman kumar

के द्वारा: nishamittal nishamittal

के द्वारा: Bhagwan Babu Shajar Bhagwan Babu Shajar

के द्वारा: yatindranathchaturvedi yatindranathchaturvedi

"सर्वाधिक शक्ति युवावस्था और नारी के सौंदर्य में होती है।जिसके प्रति सतर्क भाव रखूंगा "| अमन जी आपके सभी संकल्प सुन्दर और अच्छे हैं .उपर्युक्त संकल्प के लिए एक ही बात कहूंगी......मेरा मानना है कि नारी का सौंदर्य उसकी दक्षा,मेधा ,प्रतिभा में होती है.और उसके प्रति सतर्कता नहीं चैतन्य होने की ज़रुरत है. आप को अपने एक ब्लॉग में लिखी कविता की पंक्तियों से रूबरू करवाती हूँ....आपको अच्छी लगेंगी .......... जब एक पुरुष पहचानने लगता है स्त्री को उसके रूप,सौंदर्य की लावण्यता से नहीं बल्कि... उसकी दक्षा,मेधा,प्रतिभा बुद्धि,बोध की विलक्षणता और उसके आत्मविश्वास से देता है हौसला यह कहकर .... छू लेना ऊंचे आकाश को यह पहचान....यह हौसला स्त्री के हर रूप माँ,बहन,बेटी,पत्नी के कन्धों पर दो मज़बूत पंख बन उभर आता है पहुँच जाती हैं वे शिखर पर जहां से ...आकाश बेहद करीब लगने लगता है और सच कहूं !!!!!!!!!! तब उस पुरुष के व्यक्तित्व की ऊंचाई हो जाती है .....स्त्री के लिए आकाश से भी ऊंची . साभार

के द्वारा: yamunapathak yamunapathak

के द्वारा: शालिनी कौशिक एडवोकेट शालिनी कौशिक एडवोकेट

आप शायद भूल रहे हैं के नितीश कि इज़ज़त भाजपा से नहीं बढ़ी थी भाजपा को नितीश से इज़ज़त मिली थी क्यूँ के आज भी नितीश के साथ ही ज़यादह सिट है क्या आप बता सकते हैं के नमो जी कि कौन सी बात पुरे देश हित में है अगर है तो फिर इतनी प्रचार कि ज़रुरत क्या है प्रधान मंत्री तो बन ही जायेंगे फिर ये भासंड और मंच पर इतना गरीबों का पैसा खर्च करके नक़ली लाल क़िला बना कर १००० फ़ौज के साथ बिहार दोबारा जाकर फालतू पैसे का खर्च क्यूँ बिहार के लोगों को उसी वक़्त चेक से भुगतान कर के सहानभूति प्राप्त कर सकते थे फिर ऐसा क्यूँ खैर ये भारत है यहाँ सभी अपनी राजनीति अपने दाव से करते हैं हमारा काम अपने वोट का सही प्रयोग करना है कोई भी दूध का धुला नहीं सभी अपने ही मतलब कि बात करते हैं चाहे जो हो .

के द्वारा: Imam Hussain Quadri Imam Hussain Quadri

हर मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त करने, बिरोध करने , सस्मरण – डायरी लिखने, ज्ञान .- विज्ञानं के बाते , राजनितिक मुद्दो पर खुल कर बाते हो रही है । नव कल मे इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का माध्यम कहा जाता है क्योंकि कैसा भी लिखे पर काट – पीट के सम्भावना नही है क्युकी इसका कोई संपादक नही है | आज एस माध्यम के लोक प्रिय लेखको की मुख्य धारा के लेखक बनाने की सम्भावना भी बनती है तो बल्कि ब्लॉगर अपने ब्लॉग की लोकप्रियता के अनुसार लाखों रुपए हर महीने कमा सकते है । कंपनियाँ अपने उत्पादों का प्रचार करने के लिए ब्लॉगरों की मदद लेती हैं और विज्ञापन देने वाली कंपनियाँ विज्ञापन पोस्ट करने के लिए। साथ ही हिन्दी ब्लॉगिंग की लोकप्रियता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि कई नामी राजनीतिक ,सामाजिक और फिल्मी हस्तियाँ इससे जुड़े हैं।दूर विदेशों में बसे हिन्दीभाषी एस माध्यम से जुड़ कर अपने को देश से जुड़ा महसूस करते है और देश के छोटे-छोटे स्थानों से भी ब्लॉगर अपने आगे आ रहे है । ये बिलकुल कम्युनिटी रेडियो की तरह हो रहा है ! आप अपने क्षेत्र की विशेष बातें , जो क्जोई नहीं जानता , लोगों , हजारों लोगों तक पहुंचा सकते हैं ! बढ़िया लेखन अमन कुमार जी !

के द्वारा: yogi sarswat yogi sarswat

के द्वारा: Bhagwan Babu Bhagwan Babu

के द्वारा: deepakbijnory deepakbijnory

के द्वारा: seemakanwal seemakanwal

के द्वारा: aman kumar aman kumar

के द्वारा: nishamittal nishamittal

के द्वारा: aman kumar aman kumar

के द्वारा: PRADEEP KUSHWAHA PRADEEP KUSHWAHA

के द्वारा: aman kumar aman kumar

के द्वारा: aman kumar aman kumar

अमान जी             सादर, आपकी सभी बातें सतथ्य है. बिलकुल सच सच. अंग्रेजों ने फुट डालो राज करो कि निति अपनाई थी किन्तु इस सरकार कि खुशहाली है कि फुट खुद बा खुद हो गयी है निडर हो कर राज करो. जब तक अन्ना द्वारा राजनितिक दल कि घोषणा नहीं कि गयी थी तब तक उम्मीद थी कि वे बीजेपी का समर्थन कर देंगे और यह कांग्रेस के लिए मुश्किल पैदा करने वाला गठबंधन होगा किन्तु ऐसा हुआ नहीं और कांग्रेस कि निकल पड़ी. अभी तक के चुनाव का जों अनुभव है उसके आधार पर कह सकते हैं कि जनता पिछली सारी बातें क्षण में भूल जाती है और तात्कालिक स्थिति के आधार पर वोट करती है. यह भी कांग्रेस के पक्ष में जाने वाली ही बात है. इसलिए आप कि कही बिन्दुवार बातें सच साबित होती नजर आती हैं.

के द्वारा: akraktale akraktale

के द्वारा: yogi sarswat yogi sarswat




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